सोलर लगवाना हुआ और भी आसान: PM Surya Ghar Yojana में 7% ब्याज पर मिल रहा है लोन, जानिए मासिक किस्त (EMI) का पूरा हिसाब

PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत अब सोलर पैनल लगवाना केवल सब्सिडी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसान वित्तीय सुविधा (Loan) के कारण आम परिवारों के लिए और भी सरल हो गया है। नई नीतियों के बाद लोग अब यह जानना चाहते हैं कि सोलर के लिए लोन कैसे मिलेगा, ब्याज दर क्या होगी और हर महीने कितनी EMI देनी पड़ेगी। सरकार और बैंकों की संयुक्त पहल से अब सोलर को बिना भारी एकमुश्त खर्च के अपनाया जा सकता है।

Quick Overview

बिंदुविवरण
योजना का नामPM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana
लोन ब्याज दरलगभग 7% प्रतिवर्ष
प्रमुख बैंकSBI, Canara Bank, PNB, Union Bank
अधिकतम सब्सिडी₹78,000 तक
EMI मॉडलबिजली बिल की बचत से किस्त
आधिकारिक पोर्टलpmsuryaghar.gov.in

नीति के बाद वित्त (Loan) पर फोकस क्यों बढ़ा?

सरकार ने यह स्वीकार किया है कि हर परिवार के पास सोलर सिस्टम के लिए ₹2–3 लाख की राशि एक साथ उपलब्ध नहीं होती। इसी वजह से PM Surya Ghar Yojana के तहत बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कम ब्याज दर पर सोलर लोन उपलब्ध कराएं। इसका उद्देश्य है कि मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के परिवार भी बिना आर्थिक दबाव के सोलर अपना सकें।

PM Surya Ghar Yojana में सोलर लोन कैसे मिल रहा है?

इस योजना के अंतर्गत देश के प्रमुख सरकारी बैंक सोलर रूफटॉप सिस्टम के लिए विशेष लोन दे रहे हैं। इन लोन की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • ब्याज दर लगभग 7%
  • लोन अवधि 5 से 10 वर्ष तक
  • लोन राशि केवल सब्सिडी के बाद बची हुई लागत पर
  • अतिरिक्त जमानत या जटिल कागजी प्रक्रिया नहीं

यह सुविधा खासतौर पर घरेलू उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

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3 किलोवाट (kW) सोलर सिस्टम की EMI गणना

एक सामान्य उदाहरण से इसे समझना आसान होगा।

  • 3 किलोवाट सोलर सिस्टम की कुल लागत: लगभग ₹1.80 लाख
  • केंद्र सरकार की सब्सिडी: लगभग ₹78,000
  • सब्सिडी के बाद बची राशि: लगभग ₹1.02 लाख

यदि यह राशि 7% ब्याज दर पर 7 वर्षों के लिए लोन के रूप में ली जाती है, तो:

  • मासिक EMI: लगभग ₹1,500 से ₹1,700

इस तरह बिना बड़ा आर्थिक बोझ उठाए सोलर सिस्टम लगाया जा सकता है।

EMI बनाम बिजली बिल: असली फायदा यहीं है

3 किलोवाट रूफटॉप सोलर से एक औसत परिवार का बिजली बिल हर महीने लगभग ₹2,500–3,000 तक कम हो सकता है। इसका सीधा अर्थ है:

  • बिजली बिल में होने वाली बचत से पूरी EMI चुकाई जा सकती है
  • EMI देने के बाद भी कुछ राशि बच सकती है
  • लोन समाप्त होने के बाद बिजली लगभग मुफ्त हो जाती है

यही कारण है कि सोलर लोन को खर्च नहीं, बल्कि लंबी अवधि का निवेश माना जा रहा है।

लोन के लिए सही पंजीकरण प्रक्रिया

  1. आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाएं
  2. बिजली उपभोक्ता के रूप में पंजीकरण करें
  3. रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करें
  4. सरकार द्वारा अनुमोदित विक्रेता का चयन करें
  5. पोर्टल पर उपलब्ध बैंक लोन विकल्प चुनें
  6. स्थापना के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त होगी

ध्यान रखें कि किसी एजेंट को अलग से पैसे देने की आवश्यकता नहीं होती।

यह लोन किन लोगों के लिए सबसे अधिक लाभकारी है?

  • मध्यम वर्गीय परिवार
  • वेतनभोगी लोग जिनका मासिक बिजली बिल ₹2,000 से अधिक है
  • सेवानिवृत्त व्यक्ति जो स्थायी बचत चाहते हैं
  • शहरी और स्वतंत्र मकान वाले उपभोक्ता

यदि आप केवल पैसों की वजह से सोलर लगवाने का निर्णय टाल रहे थे, तो अब सही समय है। PM Surya Ghar Yojana का 7% ब्याज वाला सोलर लोन आपको बिना आर्थिक तनाव के स्वच्छ और सस्ती बिजली की ओर ले जाता है।

FAQs

क्या PM Surya Ghar Yojana में लोन लेना अनिवार्य है?

नहीं, लोन पूरी तरह वैकल्पिक है। आप चाहें तो पूरी राशि स्वयं भी चुका सकते हैं।

EMI कब से शुरू होती है?

आमतौर पर सोलर सिस्टम की स्थापना के बाद बैंक की शर्तों के अनुसार EMI शुरू होती है।

क्या सब्सिडी लोन राशि में समायोजित होती है?

हां, सब्सिडी घटाने के बाद ही वास्तविक लोन राशि तय होती है।

क्या सभी बैंकों में ब्याज दर समान है?

ब्याज दर बैंक और आवेदक की प्रोफाइल के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है।

निष्कर्ष:
PM Surya Ghar Yojana ने सोलर को केवल पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी व्यवहारिक बना दिया है। EMI मॉडल के साथ आज सोलर लगवाना मतलब भविष्य की बिजली जरूरतों के लिए एक समझदारी भरा और सुरक्षित फैसला लेना।

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