Budget 2026 में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और बैटरी क्षेत्र को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। Lithium-ion बैटरी निर्माण से जुड़े आयात शुल्क हटाने और महत्वपूर्ण खनिजों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह माफ करने से अब इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों में गिरावट की उम्मीद की जा रही है।
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है—भारत में EV बैटरी इकोसिस्टम को मजबूत करना, आयात पर निर्भरता घटाना और आम उपभोक्ता के लिए इलेक्ट्रिक वाहन किफायती बनाना।
Quick Overview: Budget 2026 – EV & Battery Sector Highlights
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| Lithium-ion Cells | बैटरी निर्माण से जुड़े Capital Goods पर कस्टम ड्यूटी शून्य |
| PM E-DRIVE Scheme | ₹1,500 करोड़ का नया आवंटन |
| इलेक्ट्रिक बसें | पूर्वी भारत में 4,000 नई E-Bus |
| Critical Minerals | Lithium, Cobalt, Copper सहित 25 खनिजों पर ड्यूटी माफ |
| सीधा लाभ | EV बैटरी सस्ती, वाहनों की कीमत में संभावित कमी |
EV बैटरी इकोसिस्टम को मजबूती: Capital Goods पर कस्टम ड्यूटी समाप्त
Budget 2026 में Lithium-ion बैटरी निर्माण के लिए आवश्यक Capital Goods पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। अब तक इन मशीनों और उपकरणों पर आयात शुल्क लगने से बैटरी निर्माण की लागत अधिक रहती थी।
इस निर्णय का प्रभाव:
- भारत में EV बैटरी निर्माण लागत में कमी
- घरेलू बैटरी उत्पादन को बढ़ावा
- इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया वाहनों की कीमत घटने की संभावना
विशेषज्ञों के अनुसार, बैटरी लागत EV की कुल कीमत का लगभग 35–40 प्रतिशत होती है। ऐसे में यह फैसला कीमतों पर सीधा असर डालेगा।
PM E-DRIVE Scheme को ₹1,500 करोड़ का नया बल
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने के लिए PM E-DRIVE Scheme के अंतर्गत ₹1,500 करोड़ का नया आवंटन किया गया है।
इस योजना का उद्देश्य:
- EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
- नई EV तकनीक को प्रोत्साहन
- सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाना
यह राशि आने वाले वर्षों में EV अपनाने की रफ्तार को तेज करने में अहम भूमिका निभाएगी।
पूर्वी भारत में इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा विस्तार: Purvodaya Initiative
Budget 2026 के तहत Purvodaya Initiative के अंतर्गत पूर्वी भारत के राज्यों—बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों—में 4,000 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
इस कदम से:
- शहरी प्रदूषण में कमी
- सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में सुधार
- ईंधन आयात पर खर्च घटेगा
पूर्वी राज्यों में यह अब तक का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
EV उद्योग के लिए ऑक्सीजन: Critical Minerals पर ड्यूटी पूरी तरह माफ
EV और बैटरी निर्माण के लिए आवश्यक 25 Critical Minerals, जिनमें Lithium, Cobalt और Copper शामिल हैं, पर कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
इस फैसले का महत्व:
- बैटरी सेल की लागत में बड़ी राहत
- भारत में गीगाफैक्ट्री निवेश को बढ़ावा
- वैश्विक EV सप्लाई चेन में भारत की भूमिका मजबूत
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय EV सेक्टर के लिए “ऑक्सीजन” जैसा है।
Also Read: Budget 2026 Solar Updates: PM Surya Ghar Yojana ke liye ₹22,000 करोड़ का ऐलान
आम उपभोक्ता को क्या लाभ मिलेगा?
Budget 2026 के इन फैसलों का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलने की उम्मीद है।
- इलेक्ट्रिक कारों और स्कूटर की कीमतें घट सकती हैं
- बैटरी रिप्लेसमेंट लागत कम होगी
- सार्वजनिक परिवहन में अधिक E-Bus
- लंबी अवधि में ईंधन खर्च में बचत
जो लोग 2026–27 में EV खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह बजट बेहद अनुकूल माना जा रहा है।
निष्कर्ष
Budget 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत का भविष्य Electric Mobility पर आधारित है। बैटरी निर्माण से लेकर खनिजों तक आयात शुल्क हटाकर सरकार ने EV उद्योग को नई दिशा दी है।
यदि इन नीतियों का सही क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन आम आदमी की पहुंच में होंगे।
FAQ: Budget 2026 EV & Battery Sector
हाँ, Lithium-ion बैटरी निर्माण से जुड़े आयात शुल्क हटने से लागत घटने की संभावना है।
₹1,500 करोड़ का नया आवंटन किया गया है।
इससे EV बैटरी निर्माण सस्ता होगा और भारत में निवेश बढ़ेगा।
